बचपन में ट्रेकोब्रोनचियल पेड़ में विदेशी शरीर का सामना करना सबसे आम आपात स्थितियों में से एक है। श्री लिंगा रेड्डी अपनी 3.5 साल की नेहा नाम की बच्ची के साथ हमारी इमरजेंसी में पहुंचे, जिसका यशोदा हॉस्पिटल सिकंदराबाद में कंसल्टेंट इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. हरि किशन गोनुगुंटला की देखरेख में मूंगफली से बाहरी शरीर निकाला गया।
डॉ. गोनुगुंटला हरि किशन
एमडी (पल्मोनरी मेडिसिन), डीएम (पल्मोनरी मेडिसिन) - एआईएमएस, इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी में फेलोशिप (महिडोल विश्वविद्यालय), रेस्पिरेटरी एंडोस्कोपी में फेलोशिप (एनसीसी, टोक्यो, जापान)सलाहकार इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजिस्ट
निदेशक इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी